नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड 16 लोकसभा सीटें जीतकर एकबार फिर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रही है| बिहार में तो जदयू की सरकार है, इसके साथ अब अरुणाचल प्रदेश में भी जदयू राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर के आई है|
अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू ने 14 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें सात को जीत मिली| इसके साथ ही 60 सदस्यीय अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा के बाद जदयू दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है|
बिहार के बाहर नगालैंड के बाद अरुणाचल प्रदेश दूसरा राज्य है, जहां जदयू ने अपना परचम लहराया है| वहीं पिछले साल नगालैंड विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने एक सीट पर विजय हासिल की थी और चार उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे थे| ऐसे में नगालैंड और अब अरुणाचल में मिली जीत से स्पष्ट है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू ने सामाजिक न्याय और विकास को बल देकर उत्तर-पूर्व में भी विस्तार किया है|
राष्ट्रीय पार्टी दर्जा लगभग मिलना तय
जदयू को इस साल राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है. इसकी अधिकतर शर्तों को पार्टी ने पूरा कर लिया है| मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में जदयू की यह बड़ी सफलता है| वैसे जॉर्ज फर्नांडीस के जमाने में जदयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त था|
अब एक बार फिर जब से नीतीश कुमार ने पार्टी अध्यक्ष का दायित्व संभाला है, जदयू को दूसरे प्रांतों में भी सफलता मिल रही है|
बिहार और अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में राज्य की दूसरी सबसे पार्टी बनने के बाद इस साल जम्मू-कश्मीर और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी जदयू अपने उम्मीदवार उतारेगा| जम्मू-कश्मीर में पार्टी के कई नेता स्थानीय निकाय चुनाव जीत चुके हैं| नगालैंड में भी जदयू के एक विधायक हैं और सरकार में मंत्री भी हैं|